आज के समय मे बिजली के बिना जीवन असंभव सा लगता है। हम पूरे दिन अपने द्वारा किए जाने वाले कामो मे भी बिजली पर निर्भर है। हम अपने दैनिक जीवन मे बिजली से चलने वाले उपकरण को हम हर काम मे उपयोग करते हैं। जिस तेज़ी से हमारे जीवन मे बिजली से चलने वाले उपकरण स्थान ले रहे हैं, उतनी ही तेज़ी से बिजली की खपत भी बढ़ रही है। भारत में बनने वाली बिजली का 86% उत्पादन केवल कोयले द्वारा होता है। कोयला धरती पर एक सीमित संसाधन है, साथ ही इससे बिजली बनने से पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इसलिए सोलर से बिजली बनाना एक बहुत ही अच्छा विकलप है। अगर आप भी अपने घर पर सोलर पावर सिस्टम लगाने की सोच रहें हैं, तो यह पोस्ट आप को एक बार पूरा ज़रूर पढ़ना चाहिए। इस पोस्ट मे हमने सोलर पावर सिस्टम कितने प्रकार के होते है और घर के लिए सबसे अच्छा सोलर पावर सिस्टम कौन सा है, विस्तार से बताया है।
सोलर पावर सिस्टम के प्रकार (Three Types of Solar Power System)
समय के साथ सोलर सिस्टम की कम होती कीमत और बढ़ती गुणवत्ता के कारण सोलर द्वारा बिजली बनाना काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। सोलर सिस्टम सोलर प्लेट और उपकरों क एक ऐसा सेटअप है, जिसके द्वारा सूरज से निकालने वाली धूप से बिजली पैदा होती है। सोलर पैनल, बैटरी, ग्रिड बॉक्स, इंवर्टर, तार और लोहे के स्ट्रक्चर को जोड़ कर सोलर पावर सिस्टम बनता है। एक सोलर पावर सिस्टम 1KW, 3KW, 5KW, 10KW आदि क्षमता का होता है।
सोलर पावर सिस्टम की संरचना और कार्य के आधार पर सोलर पावर सिस्टम तीन प्रकार के होते है।
- ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम (On Grid Solar Power System)
- ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम (Off Grid Solar Power System)
- हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम (Hybrid Grid Solar Power System)
ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम (On Grid Solar Power System)
ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम को ग्रिड-टाईड या ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम भी कहा जाता है। जैसा की इसके नाम से पता चलता है की, इस तरह का सोलर सिस्टम ग्रिड (बिजली विभाग द्वारा जिस तार से बिजली आती है) से जुड़ा होता होता है। ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम द्वारा बनी बिजली इंवर्टर मे जाती है, वहाँ से DC बिजली AC बिजली मे कन्वर्ट कर दी जाती है। इसके बाद हमारे घरों मे लगे हुए उपकरणों में पहुँच जाती है। यदि सोलर सिस्टम द्वारा बनाई गयी बिजली उपकरणों मे इस्तेमाल के बाद बच जाती है तो, बची हुई बिजली नेट मीटर के द्वारा ग्रिड मे भेज दी जाती है। मान लीजिये आप का सोलर सिस्टम दिन के समय यदि 10 यूनिट बिजली बनाता है और आप के घर मे केवल 7 यूनिट बिजली ही खपत हो पति है, तो बची हुई 3 यूनिट बिजली ग्रिड के माध्यम से बिजली विभाग को भेज दी जाती है। इस तरह से ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम आप को बिजली देने के साथ साथ बिजली विभाग को भी बिजली दे सकता है। ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम ऐसे जगह के लिए ज्यादा उपयोगी होता है जहाँ पर बिजली कटौती की समस्या बहुत कम होती है। क्यों की जब तक दिन के समय सोलर सिस्टम बिजली बना रहा होता है तो, आप सोलर की बिजली यूज़ कर सकते हैं, लेकिन रात के समय जब सोलर बिजली नहीं बना सकता तो आप ग्रिड की बिजली का यूज़ कर सकते हैं।

जब बिजली विभाग द्वारा आप का बिजली का बिल बनाया जाता है तो, आप के सोलर सिस्टम द्वारा ग्रिड मे भेजी गयी बिजली की यूनिट आप के बिजली बिल से कम कर दी जाती है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते है। आप के घर मे एक माह मे कुल बिजली की 100 यूनिट खपत हुई। आप के सोलर सिस्टम ने 70 यूनिट बिजली बनाया, बिजली विभाग से आप के घर में 50 यूनिट बिजली आई। तो आप का बिजली बिल 50 यूनिट का आना चाहिए लेकिन आप के सोलर सिस्टम ने 30 यूनिट बिजली ग्रिड के माध्यम से बिजली विभाग को दे दी। इस लिए आप का बिजली का बिल (50-30) 20 यूनिट का ही आएगा। इस तरह से आप ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम का उपयोग कर अपना बिजली का बिल कम कर सकते है।
ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम (Off Grid Solar Power System)
ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम एक बैटरी आधारित पूर्ण सोलर पावर सिस्टम होता है। इस प्रकार के सोलर पावर सिस्टम मे ग्रिड की आवश्यकता नहीं होती है। सोलर पैनल द्वारा बनाई गयी बिजली इंवर्टर से होते हुए घर मे लगे उपकरण मे पहुँच जाती है, बची हुई बिजली सोलर चार्जर कंट्रोलर से होते हुये बैटरी में स्टोर हो जाती है। दिन के समय सभी उकरण सोलर द्वारा बनाई गयी बिजली का सीधे उपयोग करते है, लेकिन रात के समय बैटरी मे स्टोर बिजली का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह से आप ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम को बिजली विभाग की बिजली के बिना भी यूज़ कर सकते है। ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम ऐसे जगह के लिए ज़्यादा उपयुक्त होता है जहाँ पर बिजली नहीं होती य बिजली कटौती बहुत ज़्यादा होती है। ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम ऐसे लोग भी यूज़ कर सकते है जो सारे उपकरण सिर्फ सोलर द्वारा ही चलना चाहते हैं। ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाते समय यह ध्यान ज़रूर रखना चाहिए की, दिन के समय उपयोग होने वाली बिजली से 30-40% अधिक बिजली बने, ताकि बैटरी आसानी से चार्ज हो सके।

हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम (Hybrid Grid Solar Power System)
जैसा कि अभी तक आपने जाना की ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम में सोलर पैनल को ग्रिड से जोड़ दिया जाता है, लेकिन ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम में सोलर पैनल को बैटरी से जोड़ा जाता है. यदि सोलर पैनल को बैटरी और ग्रिड दोनों से एक साथ जोड़ दिया जाए तो इस तरह के सोलर पॉवर सिस्टम को हाइब्रिड सोलर पॉवर सिस्टम कहा जाता है. हाइब्रिड सोलर पॉवर सिस्टम ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम का मिलाजुला रूप है. हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम से बनने वाली बिजली को घरों में लगे उपकरण में यूज करने के साथ-साथ बैटरी में भी स्टोर कर सकते हैं. यदि आपका हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम जो बिजली बनाता है, वह यूज करने के बाद बच जाती है तो उसे ग्रिड में भेज देता है. हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम को नीचे डायग्राम में भी दिखाया गया है. जिसके माध्यम से आप हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम की संरचना को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं.
हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम को आप किसी भी तरह की जगह के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. जहां पर बिजली की अधिक कटौती होती है वहां पर भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां पर बिजली की कटौती कम होती है वहां पर भी इसे बहुत ही आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम को दिन और रात किसी भी समय बिना किसी समस्या के इस्तेमाल किया जा सकता है. हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम एक ऐसा सिस्टम होता है जिसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें किसी भी तरह की कोई समस्या आने की संभावना नहीं होती है.

ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम में क्या अंतर है?
ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम के अंतर को नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर बहुत ही आसानी से समझा जा सकता है
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर पैनल ग्रिड से जुड़ा होता है, ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर पैनल बैटरी से जुड़ा होता है.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम से बनी बिजली को उपयोग करने के बाद आप ग्रिड में भेज सकते हैं वही ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम में बची हुई बिजली को आप बैटरी में स्टोर कर सकते हैं.
- जब आपके घर में बिजली की मेन सप्लाई आती हो तो आपको ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहिए, वहीं अगर बिजली की सप्लाई नहीं आती है तो ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहिए.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम को ऐसी जगह इस्तेमाल कर सकते हैं जहां बिजली कटौती की समस्या नहीं हो, लेकिन ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम को ऐसी जगह इस्तेमाल करना बेहतर होगा जहां पर बिजली कटौती की समस्या अधिक हो.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम को बरसात के समय भी बिना किसी रूकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम बरसात के समय ना के बराबर बिजली बनाता है.
ऑन ग्रिड और हाइब्रिड सोलर सिस्टम में क्या अंतर है?
ऑन ग्रिड और हाइब्रिड सोलर सिस्टम के अंतर को समझने के लिए आप नीचे दिए गए बिंदुओं को देख सकते हैं.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होता है जबकि हाइब्रिड सोलर सिस्टम ग्रिड और बैटरी दोनों से जुड़ा होता है.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम में आप केवल बची हुई बिजली को ग्रिड में भेज सकते हैं लेकिन हाइब्रिड सोलर सिस्टम में आप बची हुई बिजली को ग्रिड में भेजने के साथ-साथ बैटरी में भी स्टोर कर सकते हैं.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम को केवल दिन के समय इस्तेमाल किया जा सकता है वहीँ हाइब्रिड सोलर सिस्टम बैटरी को भी चार्ज कर देता है जिसे आप रात के समय भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम को केवल ऐसी जगह पर यूज किया जा सकता है, जहां पर बिजली की सप्लाई निरंतर मिलती हो लेकिन हाइब्रिड पावर सिस्टम को किसी भी जगह इस्तेमाल किया जा सकता है.
- यदि रात के समय ग्रिड की बिजली कट जाती है तो, आप ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम का इस्तेमाल नहीं कर सकते, वहीं हाइब्रिड सोलर सिस्टम बैटरी को चार्ज कर देता है जिसे आप रात में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
घर के लिए सबसे अच्छा सोलर सिस्टम कौन सा होता है (Best Solar Power System For Home)
अब तक आप ऑन ग्रिड, ऑफ ग्रेट और हाइब्रिड तीनों तरह के सोलर पॉवर सिस्टम के बारे में जान चुके होंगे. यदि आपको ऐसी जगह पर सोलर पावर सिस्टम को इस्तेमाल करना है जहां पर बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो आप ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम अपने घर पर लगवा सकते हैं. वही आप ऐसी जगह पर सोलर सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहते हैं जहां पर बिजली की सप्लाई उपलब्ध है, तो आप के घर के लिए ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम सबसे अच्छा हो सकता है. यदि आप ऐसी जगह पर रहते हैं जहां बिजली की सप्लाई भी उपलब्ध है और आप सोलर पैनल से बनी हुई बिजली इस्तेमाल करने के बाद बची हुई बिजली, बिजली विभाग को देना चाहते हैं, तो आप हाइब्रिड सोलर सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस तरह से आप अपनी जरूरत के अनुसार अपने घर के लिए सबसे अच्छे सोलर पैनल सिस्टम का चुनाव कर सकते हैं.
घर पर कितने वाट का सोलर पावर सिस्टम लगा सकते हैं ?
अलग-अलग घरों के लिए बिजली की आवश्यकता भी अलग-अलग होती है इसलिए हमें सबसे पहले अपने घर की बिजली की खपत को जानना होगा. यदि आप अपने घर पर दिन के समय लगभग 4 से 5 यूनिट बिजली खपत करते हैं तो आप 1 किलो वाट का सोलर पैनल अपने घर पर लगवा सकते हैं. 1 किलो वाट का सोलर पैनल लगभग 800 वाट का लोड ले सकता है. यदि आपको प्रतिदिन 10 यूनिट की आवश्यकता है, तो आप 2 किलो वाट का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं, अगर अगर आपको प्रतिदिन 15 यूनिट बिजली की आवश्यकता है तो आप 3 किलो वाट का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं. इस तरह से आपके घर पर जितनी यूनिट की आवश्यकता को उसके हिसाब से सोलर पैनल लगवा सकते हैं. अपने घर के बिजली का लोड कैलकुलेट करने के लिए Load Calculator पर क्लिक कर जान सकते हैं.
सोलर पावर सिस्टम से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न
1 किलो वाट के सोलर पैनल से क्या क्या चला सकते हैं?
1 किलो वाट के सोलर पैनल से 800 वाट तक के लोड के उपकरण को चलाया जा सकता है. 3 LED बल्ब, 2 पंखे, 1 फ्रिज और एक टीवी लगभग 10 से 12 घंटे चला सकते हैं.
2 किलो वाट में हम क्या क्या चला सकते हैं?
1 किलो वाट के सोलर पैनल से 1600 वाट तक के लोड के उपकरण को चलाया जा सकता है. 5 LED बल्ब, 4 पंखे, 1 फ्रिज, 1 वाशिंग मशीन, 1 लैपटॉप, 1 आयरन और एक टीवी लगभग 10 से 12 घंटे चला सकते हैं.
घर चलाने के लिए कितने किलोवाट चाहिए?
1BHK घर के लिए लगभग 2 किलोवाट के बिजली की आवश्यकता होती है जिसमें आप 1 किलो वाट के सोलर पैनल से 1600 वाट तक के लोड के उपकरण को चलाया जा सकता है. 5 LED बल्ब, 4 पंखे, 1 फ्रिज, 1 वाशिंग मशीन, 1 लैपटॉप, 1 आयरन और एक टीवी लगभग 10 से 12 घंटे चला सकते हैं.
ऑफ ग्रिड या ऑन ग्रिड में से कौन बेहतर है?
यदि आपके घर में मेन सप्लाई आती है तो आपके घर के लिए ऑन ग्रिड सोलर पावर सिस्टम और यदि बिजली की मेन लाइन सप्लाई नहीं आती है तो ऑफ ग्रिड सोलर पावर सिस्टम आपके घर के लिए बेहतर होगा.
3 किलोवाट सोलर से क्या क्या चल सकता है?
3 किलोवाट सोलर सिस्टम से आप 2000 से 2400 तक के लोड को चला सकते हैं, जिसमें 5 LED बल्ब, 4 पंखे, 1 फ्रिज, 1 वाशिंग मशीन, 1 लैपटॉप, 1 आयरन, 1 AC और एक टीवी लगभग 10 से 12 घंटे आसानी से चला सकते हैं.
भारत में किस प्रकार का सोलर पैनल सबसे अच्छा है?
भारत एक ऐसा देश है जहां पर ठंडी गर्मी बरसात तीनों तरह का मौसम होता है इसलिए हाइब्रिड सोलर पावर सिस्टम भारत के लिए सबसे अच्छा सोलर पावर सिस्टम माना जा सकता है.
आशा करता हूँ सोलर पैनल से संबन्धित यह पोस्ट “सोलर सिस्टम कितने प्रकार के होते है | घर के लिए सबसे अच्छा सोलर सिस्टम कौन सा होता है” अच्छी और जानकारी युक्त लगी होगी। सोलर पैनल की जानकारी के लिए हमारी अन्य पोस्ट को भी ज़रूर पढ़ें। सोलर पैनल से संबन्धित यदि आप के कोई और भी सवाल है तो आप हमसे कॉमेंट कर पूँछ सकते हैं। हम आप के सवालो के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। यदि इस वैबसाइट( ब्लॉग) के बारे मे आप के कोई सुझाव हों तो वह भी कॉमेंट कर ज़रूर बताएं। आप के प्रश्न एवं सुझाव का हमे इंतज़ार रेहगा।
धन्यवाद।
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